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व्यापार सत्र और उनके कार्यक्रम

व्यापार सत्र और उनके कार्यक्रम
Edited By: Vineet Kumar Singh @JournoVineet
Updated on: November 17, 2022 0:01 IST

G20 Summit Indonesia LIVE: भारत को सौंपी गई जी-20 की अध्यक्षता, 2023 में समिट की मेजबानी करेगा देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और कई अन्य वैश्विक नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की थी और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी।

Vineet Kumar Singh

Edited By: Vineet Kumar Singh @JournoVineet
Updated on: November 17, 2022 0:01 IST

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Image Source : TWITTER अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो।

इंडोनेशिया के बाली में चल रहे जी-20 समिट का आज दूसरा और आखिरी दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज कई द्विपक्षीय मुलाकातों का कार्यक्रम है। समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से अनौपचारिक मुलाकात की थी। मंगलवार को डिनर के वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच भी अनौपचारिक मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं से हाथ मिलाया और काफी देर कर आपस में बात की।

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G20 Summit Indonesia Live 16 November

दिल्ली के लिए रवाना हए PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाली में G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हए।

PM मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी से की मुलाकात

जी-20 में मुलाकातों का दौर जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की।

पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के बाली में G-20 शिखर सम्मेलन से इतर ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की। मोदी ने ट्विटर पर लिखा, 'पीएम अल्बनीज से मिलकर खुशी हुई। शिक्षा, इनोवेशन और अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान देने के साथ भारत-ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हमने व्यापार और समुद्री सहयोग बढ़ाने पर भी बात की।'

इटली की पीएम मेलोनी से मिले प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर इटली की प्रधानमंत्री जिओगिआ मेलोनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर चर्चा की।

'भारत-फ्रांस के करीबी संबंधों में वैश्विक भलाई की ताकत'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लंच पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से बातचीत की और इस दौरान रक्षा, परमाणु ऊर्जा, व्यापार तथा खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बाली में चल रहे G-20 के सम्मेलन से इतर हुई बैठक के बाद मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस के निकट संबंध वैश्विक भलाई की शक्ति रखते हैं।

समझा जाता है कि बातचीत में यूक्रेन संघर्ष और खाद्य तथा ऊर्जा सुरक्षा समेत अन्य विषयों पर इसके प्रभाव पर बातचीत हुई। मोदी ने ट्वीट किया, ‘हमेशा की तरह इमैनुअल मैक्रों के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने रक्षा, परमाणु ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने समेत विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की।’ मैक्रों ने ट्वीट किया कि दोनों पक्षों का शांति के लिए समान एजेंडा है और जी20 की भारत की आगामी अध्यक्षता के तहत फ्रांस इस पर काम करेगा।

भारत जी20 की अध्यक्षता ऐसे समय में संभाल रहा है जब दुनिया चुनौतियों से घिली है: पीएम मोदी

भारत ऐसे समय में जी20 की अध्यक्षता संभाल रहा है, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक मंदी, बढ़ती खाद्य व ऊर्जा की कीमतों से उत्पन्न चुनौतियों से घिरी है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत की जी-20 अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकांक्षी, निर्णायक व कार्योन्मुखी होगी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जर्मन चांसलर शोल्ज से मिले मोदी, व्यापार सत्र और उनके कार्यक्रम विभिन्न मुद्दों पर हुई 'सार्थक' चर्चा

बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के बीच 'सार्थक' मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान भारत-जर्मनी की दोस्ती को आगे बढ़ाने के मकसद से तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें विशेष रूप से व्यापार, वित्त और सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

सिंगापुर के प्रधानमंत्री से मिले पीएम मोदी, विभिन्न मुद्दों पर की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंगापुर के पीएम ली सेन लूंग के बीच बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने हरित अर्थव्यवस्था और सौर ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत-सिंगापुर सहयोग को आगे बढ़ाने की अपार संभावनाओं पर चर्चा की। उनके बीच व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।

बाली में हुई पीएम मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच बाली में G-20 शिखर सम्मेलन से इतर बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि रक्षा संबंधों, सतत विकास और आर्थिक सहयोग को कैसे बढ़ाया जाए।

G-20 की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है दुनिया: पीएम मोदी

दुनिया G-20 की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है। इंडोनेशिया ने बेहत कठिन समय में जी-20 की अध्यक्षता संभाली। अगले साल जी-20 शिखर सम्मेलन भारत में होगा: PM मोदी

भारत को मिली जी-20 देशों की कमान, 2023 में करेगा मेजबानी

बाली में G-20 शिखर सम्मेलन का आखिरी सत्र शुरू हो चुका है। इस सत्र में इंडोनेशिया ने भारत को G-20 की अध्यक्षता भारत को सौंप दी है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को G-20 की कमान सौंपी। 2023 में G-20 सम्मेलन की मेजबानी भारत करेगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल खाई अब भी बहुत गहरी है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G-20 समिट में 'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' विषय पर अपने संबोधन में कहा, 'गरीबी के खिलाफ दशकों से जारी वैश्विक लड़ाई में ‘डिजिटल तकनीक’ का उचित इस्तेमाल काफी कारगर साबित हो सकता है। डिजिटल समाधान जलवायु परिवर्तन से निपटने में मददगार साबित हो सकते हैं। हमने वैश्विक महामारी के दौरान इन्हें घर से कामकाज की सुविधा उपलब्ध कराने और कार्यालयों को कागज रहित बनाने में काफी कारगर पाया था। भारत में हम डिजिटल माध्यमों तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल खाई अब भी बहुत गहरी है।' (रिपोर्ट: विजयलक्ष्मी)

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का फायदा सभी तक पहुंचाना जी-20 नेताओं की जिम्मेदारी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G-20 समिट में 'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन' विषय पर एक सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, 'डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन हमारे दौर का सबसे उल्लेखनीय बदलाव है। डिजिटल टेक्नॉलजी का उचित उपयोग, गरीबी के खिलाफ दशकों से चल रही वैश्विक लड़ाई में फोर्स मल्टिप्लायर बन सकता है।' मोदी ने कहा कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का फायदा सभी तक पहुंचाना जी-20 नेताओं की जिम्मेदारी है। (रिपोर्ट: विजयलक्ष्मी)

‘मीडिया कंपनियों को कानून के समर्थन में एकजुट होकर आगे आना चाहिए’

समाचार4मीडिया ब्यूरो

by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 26 November, 2022

e4m DNPA

डिजिटल मीडिया ईकोसिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने के लिए एक्सचेंज4मीडिया और डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) ने इंटरशनेशनल स्पीकर्स के साथ 25 नवंबर को वर्चुअल रूप से गोलमेज सम्मेलन (राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस) का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम के दौरान e4m ‘DNPA Dialogues’ के उद्घाटन सत्र में इंटरनेशनल स्पीकर्स एक मंच पर आए और तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण के दौर में प्लेटफॉर्म्स और पब्लिशर्स के संबंधों पर अपने विचार रखे।

इस आयोजन के दौरान एक सेशन में ‘मिंडेरू फाउंडेशन’ (Minderoo Foundation) की सीनियर पॉलिसी एडवाइजर एम्मा मैकडॉनल्ड (Emma McDonald) और ‘दि ऑस्ट्रेलिया इंस्टीट्यूट’ (The Australia Institute) के डायरेक्टर पीटर लुईस (Peter Lewis) के बीच बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को लेकर चर्चा हुई।

बता दें कि बतौर जनरल काउंसिल मैकडॉनल्ड्स के पास नीति (policy), विनियामक (regulatory) और सार्वजनिक मामलों (public affairs) में काम करने का 25 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह ऑस्ट्रेलियाई कम्युनिकेशंस मिनिस्टर की सीनियर पॉलिसी एडवाइजर भी रह चुकी हैं। वहीं, लुईस ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सार्वजनिक प्रचारकों में से एक हैं और उन्हें मीडिया, पॉलिटिक्स व कम्युनिकेशंस में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।

इस सेशन की अध्यक्षता ‘DNPA’ के चेयरपर्सन तन्मय माहेश्वरी और ‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अग्रवाल ने की। बता दें कि डीएनपीए (Digital News Publishers Association) प्रिंट व टेलिविजन के क्षेत्र में काम कर रही देश की शीर्ष मीडिया कंपनियों की डिजिटल विंग का प्रतिनिधित्व करता है।

इस सेशन की शुरुआत में मैकडॉनल्ड्स ने ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा बड़े टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स से दूर जाने के फैसले के बारे में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया में पिछले 10 वर्षों या उससे अधिक समय से सरकारों को डिजिटल में हो रहे क्रांतिकारी बदलाव और इन प्लेटफॉर्म्स द्वारा मीडिया इंडस्ट्री पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में जानकारी थी। मैं एक मीडिया कंपनी से आई थी, इसलिए मैंने इसे पहली बार देखा था। ऑस्ट्रेलिया में सरकार पिछले कुछ समय से इस समस्या से निपट रही है। सरकार ने इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों और फंडिंग योजनाओं के माध्यम से इससे निपटने की कोशिश की और इसके समाधान के बारे में बहुत सारी लिखा-पढ़ी भी की।’

मैकडॉनल्ड्स के अनुसार, ‘प्रस्तावित स्वैच्छिक कोड (voluntary code) का वह शुरुआती चरण था और मुझे लगता है कि हर कोई आशावादी था कि गूगल और फेसबुक इस मुद्दे पर साथ बैठेंगी और मीडिया कंपनियों के साथ मिलकर काम करेंगी। अप्रैल 2020 में कोविड-19 महामारी के आने के बाद जब मैं मंत्री कार्यालय में काम कर रही थी, तमाम पब्लिशर्स हमारे पास आते थे। वे इस बात को लेकर बहुत चिंतित थे कि उनका भविष्य क्या होगा और हम उनकी मदद कैसे कर सकते हैं।’

मैकडॉनल्ड ने इस बात पर भी जोर दिया कि मीडिया कंपनियों को एक संयुक्त मोर्चा (United Front) बनाना चाहिए और इसके फलने-फूलने के लिए कानून का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘जब सभी मीडिया कंपनियां एक साथ आएंगी, तो इससे कानून का रास्ता साफ होगा। यह उस समय में वाकई में काफी महत्वपूर्ण है, जब सरकार इस दिशा में अपने कदम उठा रही है।’ इसके साथ ही मैकडॉनल्ड का यह भी कहना था कि हालांकि यह पूरी तरह से सही नहीं है। यदि कानून से परिणाम निकलता है तो यह सब व्यर्थ नहीं है। पत्रकारिता व्यापार सत्र और उनके कार्यक्रम के समर्थन में यह बहुत अच्छा किया गया है।

वहीं, लुईस का कहना था कि जब लोग फेसबुक और गूगल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स लाते हैं तो वे इन टेक्नोलॉजी कंपनियों के बारे में नहीं बल्कि विज्ञापन एकाधिकार (advertising monopolies) के बारे में बात कर रहे होते हैं। उन्होंने कहा, ‘विज्ञापन एकाधिकार पर रोक के लिए हमारे नियामक आयोग व्यापार सत्र और उनके कार्यक्रम ने तमाम सिफारिशें (recommendations) पास कीं। मुझे लगता है कि उन्होंने 27 सिफारिशों की एक श्रंखला पास की, जिनमें सिर्फ एक न्यूज मीडिया बार्गेनिंग कोड था। लेकिन अगर यह सिर्फ एक मंत्री के कार्यालय में बैठकर बनाई हुई नीति होती तो गूगल और फेसबुक दोनों की ओर से विरोध होता।’

लुईस के अनुसार, ‘वे इस सिद्धांत से पीछे नहीं हटने वाले थे क्योंकि इस प्रस्ताव को राष्ट्रीय स्तर पर विनियमित करना था। जिस तरह से प्लेटफॉर्म्स संचालित होते हैं, वह कुछ ऐसा है जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया है।’ इस सेशन के आखिर में अपनी बात रखते हुए लुईस ने कहा, ‘मेरा मानना ​​​​है कि इन प्लेटफॉर्म्स ने इस तरह की बातों को शांत करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कंपनियों को भुगतान किया और मुझे लगता है कि उन्हें उम्मीद थी कि बाकी दुनिया में इसकी गूंज नहीं हो रही होगी।’

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Today In News : NOV 27, 2022

एक बार एक सात वर्ष का बालक रमन महर्षि के पास आया! उन्हे प्रणाम कर उसने अपनी जिज्ञासा उनके समक्ष रखी! वह बोला- ‘क्या आप मुझे बता सकते है कि कर्म-योग क्या है.? क्योंकि जब कभी भी मै यह प्रश्न अपने माता-पिता से पूछता हूँ, तो वे कहते है कि अभी तुम्हे इस विषय मे सोचने की आवश्यकता नही है! जब तुम बडे हो जाओगे, तो तुम्हे अपना आप समझ आ जाएगी!’

बालक की बात सुनकर मह-ऋषि बोले-
‘ मै तुम्हे इस प्रश्न का उतर दूँगा! पर अभी तुम यहाँ मेरे पास शांतिपूर्वक बैठ जाओ!’ बालक उनकी आज्ञा का पालन कर उनके पास जाकर बैठ गया!

कुछ समय बाद, वहाँ एक व्यक्ति डोसे लेकर आया! उसने सभी डोसे रमन महर्षि के समक्ष रख दिए! किंतु महर्षि किसी भी वस्तु को अकेले ग्रहण नही करते थे! इसलिए महात्मा रमन ने डोसे का एक छोटा सा टुकडा अपने आगे रखा! फिर साथ बैठे उस बालक के पतल मे एक पूरा डोसा परोस दिया! उसके बाद वहाँ उपस्थित अन्य अनुयायियो मे शेष डोसे बाँटने का आदेश दिया! फिर उन्होने पास बैठे बालक से कहा- ‘अब जब तक मै अँगुली उठाकर इशारा नही करता, तब तक तुम यह डोसा खाते रहोगे! हाँ..ध्यान रहे कि…मेरे इस सँकेत से पहले तुम्हारा डोसा खत्म नही होना चाहिए! पर जैसे ही मै अँगुली उठाकर सँकेत दूँ, तो पतल पर डोसे का एक भाग भी शेष नही रहना चाहिए! उसी क्षण डोसा खत्म हो जाना चाहिए!’

महर्षि के इन वचनो को सुनते ही बालक ने पूरी एकाग्रता से रमन मह-ऋषि पर दृष्टि टिका दी! उसका मुख बेशक ही डोसे के निवाले चबा रहा था, किंतु उसकी नजरे एकटक महात्मा रमन पर केन्द्रित थी! बालक ने शुरूआत मे बडे-बडे निवाले खाए! पर बाद मे, अधिक डोसा न बचने पर, उसने छोटे-छोटे निवाले खाने शुरू कर दिए! तभी अचानक उसे अपेक्षित संकेत मिला! इशारा मिलते ही बालक ने बचा हुआ डोसा एक ही निवाले मे मुख मे डाल दिया और निर्देशानुसार पतल पर कुछ शेष न रहा!

बच्चे की इस प्रतिक्रिया को देखकर मह-ऋषि बोले- ‘अभी-अभी जो तुमने किया, वही वास्तविक मे कर्म-योग है!’

मह-ऋषि ने आगे समझाते हुए कहा- ‘देखो! जब तुम डोसा खा रहे थे, तब तुम्हारा ध्यान केवल मुझ पर था! डोसे के निवाले मुख मे डालते हुए भी तुम हर क्षण मुझे ही देख रहे थे! ठीक इसी प्रकार संसार के सभी कार्य-व्यवहार करते हुए भी अपने मन-मस्तिष्क को ईश्वर (पूर्ण गुरू) पर केन्द्रित रखना! मतलब कि ईश्वर मे स्थित होकर अपने सभी कर्तव्यो को पूर्ण करना! यही वास्तविक कर्म-योग है ।
………..

Source of this courtsey : “GOD is LOVE” telegram group

TODAY AN EYE ON IN ENGLISH

NOV 27, 2022, SUNDAY, MARGSHIRSH SHUKLA PAKSHA, CHATURTHI, रविवार, मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी, वि. सं. 2079

• Prime Minister Narendra Modi to share his thoughts with people of country & abroad in ‘Mann Ki Baat’ programme (95th) on AIR at 11 AM

• Union External Affairs Minister (EAM) Dr. S. Jaishankar to visit different war memorials situated in Imphal & Bishnupur districts of Manipur

• Valedictory Session to be presided over by Manoj Sinha, Lieutenant Governor, Jammu & Kashmir in 25th National Conference on e-Governance (NCeG) at Katra, Jammu

• Haryana CM Manohar Lal Khattar to also attend Valedictory Session which to witness Launch of digital J&K initiatives & Signing of MoUs by the J& K Government

• Bihar CM Nitish Kumar to dedicate Ganga Jal Apoorti Yojana or the Ganga water supply scheme (GWSS) under the Jal-Jeevan-Hariyali initiative to people at Rajgir

• French Armed forces Minister, Sebastien Lecornu to visit INS Vikrant’s first indigenously designed & built aircraft carrier in Kochi

• National Cadet Corps (NCC), largest uniformed youth organisation in world raised in 1948, to celebrate its 74th anniversary

• BJP to conduct a mass contact program with around 10-star campaigners of party, including MPs, and MLAs of other states ahead of MCD polls

• BJP to hold BC Samajika Chaithanya Sabha at Eluru Andhra Pardesh to highlight Central welfare schemes

• Common Admission Test (CAT) 2022 for admission to IIMs & B-Schools to be held across India

• India vs New Zealand 2nd ODI (D/N) Hamilton, at 7 AM

• Hockey, India vs Australia, 2nd Match at Adelaide’s Mate Stadium at 11 AM

अंतरिक्ष में राकेट भेज कर युवाओं ने बढ़ाया देश का गौरव : PM मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को रेडियो एवं विभिन्न इलेक्ट्रानिक चैनलों के माध्यम से मन की बात कार्यक्रम के तहत देश को सम्बोधित करते हैं। उन्होंने आज के एपिसोड में कहा कि हम बहुत तेजी से इस कार्यक्रम के शतक की तरफ बढ़ रहे हैं। यह कार्यक्रम मेरे लिए 130 करोड़ देशवासियों से जुड़ने का एक और माध्यम है। हर एपिसोड से पहले, गांव-शहरों से आये ढ़ेर सारे पत्रों को पढ़ना, बच्चों से लेकर बुजुर्गों के ऑडियो मैसेज को सुनना, ये मेरे लिए एक आध्यात्मिक अनुभव की तरह होता है।

पीएम ने कहा, जी-20 की दुनिया की जनसंख्या में दो-तिहाई, वैश्विक व्यापार में तीन-चौथाई और वर्ल्ड जीडीपी में में 85% भागीदारी है। आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत व्यापार सत्र और उनके कार्यक्रम अब से ती दिन बाद यानी एक दिसंबर से इतने बड़े समूह की, इतने सामर्थ्यवान समूह की, अध्यक्षता करने जा रहा है। G-20 की अध्यक्षता, हमारे लिए एक बड़ा मौका बनकर आई है। हमें इस मौके का पूरा उपयोग करते हुए विश्व कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना है।

पीएम मोदी ने कहा, चाहे शांति हो या एकता, पर्यावरण से लेकर संवेदनशीलता की बात हो या फिर सतत विकास की, भारत के पास, इनसे जुड़ी चुनौतियों का समाधान है। हमने एक दुनिया, एक एक परिवार ओर एक भविष्य की जो थीम दी है, उससे वसुधैव कुटुम्बकम के लिए हमारी प्रतिबद्धता जाहिर होती है। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में, देश के अलग-अलग हिस्सों में G-20 से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को आपके राज्यों में आने का मौका मिलेगा। मुझे भरोसा है कि आप अपने व्यापार सत्र और उनके कार्यक्रम यहाँ की संस्कृति के विविध और विशिष्ट रंगों को दुनिया के सामने लाएंगे। आपको ये भी याद रखना है कि G-20 में आने वाले लोग, भविष्य के टूरिस्ट भी हैं।

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