फोरेक्स रणनीति

शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है?

शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है?
निष्कर्ष : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दोनों भारतीय पूंजी बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। रोज लाखों ब्रोकर और निवेशक इन स्टॉक एक्सचेंजों में ट्रेडिंग करते हैं। ये दोनों महाराष्ट्र के मुंबई में स्थापित हैं और सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) से मान्यता प्राप्त हैं।

SENSEX Full Form

Stock Market Before Budget: बजट से पहले शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 500 अंक शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? ऊपर खुला

By: ABP Live | Updated at : 01 Feb 2022 09:43 AM (IST)

Edited By: Meenakshi

शेयर बाजार (फाइल फोटो)

Stock Market Before Budget: शेयर बाजार में आज शानदार तेजी के साथ कारोबार खुला है. आज देश का शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? बजट 11 बजे से संसद में पेश होगा और इससे पहले शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्स 500 अंक ऊपर खुला है.

कैसे खुला बाजार
आज के कारोबार में सेंसेक्स ओपनिंग के मिनट में ही 590.शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? 02 अंक यानी 1.02 फीसदी की उछाल के साथ 58,604.19 पर कारोबार कर रहा है. इसके अलावा निफ्टी में 189 अंकों की उछाल के बाद 17529 के लेवल पर कारोबार खुला है.

निफ्टी का क्या है हाल
आज निफ्टी के ट्रेडिंग सेशन में 50 में से 42 शेयर तेजी के शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? साथ कारोबार कर रहे हैं और केवल 8 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. इसके अलावा बैंक निफ्टी में भी तेजी देखी जा रही है. इसमें 570 अंकों का जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. बैंक निफ्टी 38,500 के पार हो गया है. बैंक निफ्टी के 12 में से 11 शेयर तेजी के हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं.

सेंसेक्स क्या होता है | Sensex Kya Hota Hai | What is SENSEX in Hindi

Sensex भारत शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है | Sensex भारतीय Share Market के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है Sensex ( Bombay Stock Exchange) का हिस्सा है और Sensex Bombay Stock Exchange पर लिस्टेड केवल 30 कंपनियों के शेयर्स के भावों से मिलकर बना है इन 30 कंपनियों का चुनाव स्टॉक एक्सचेंज की इंडेक्स कमेटी द्वारा शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? किया जाता है इस कमेटी में कई वर्ग से लोग शामिल होते हैं जिनमें प्रमुख रूप से सरकार, बैंक शामिल हो सकते हैं|

SENSEX की स्थापना : –

Sensex की शुरुआत दीपक मोहिनी द्वारा की 1986 में की गई थी|

SENSEX कैसे घटता और बढ़ता है |

Sensex में उतार-चढ़ाव होता रहता है Sensex के अंदर सूचीबद्ध कंपनियों की वैल्यू कम ज्यादा होना कंपनियों में हर दिन का हिसाब रखा जाता है जिससे कंपनियों के शेयर्स का मोल भाव लगाया जा सकता है शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? इस तरह Sensex इन कंपनियों का एक ग्राफ बनाता है ज्यादातर Sensex को अंको में दर्शाया जाता है|

शेयर बाजार (Share Market) देश की आर्थिक ढांचे में मुख्य भूमिका निभाते हैं Sensex दुनिया की वैश्विक पूंजीवाद में भारत की आर्थिक स्थिति का प्रतिनिधित्व करते हैं Sensex का मुख्य काम हमें दिनभर की होने वाली शेयर बाजारों में शेयर्स के मोल भाव पहुंचाना| जब शेयर बाजार में शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? निवेश अच्छा होता है तो हमारे देश में बारी निवेशक लगाते हैं और रूपा मजबूत होता है

SENSEX के फायदे | Benefits of Sensex in Hindi

1.Sensex का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें देश की प्रमुख 30 कंपनियां शामिल होती है Sensex में बढ़ोतरी दिखाई देती है तो भारतीय कंपनी का भी विकास होता है|

2. जब भारत की कंपनी में विदेश का निवेश बढ़ता है तो चीजों की कीमत कम होती है|

सेंसेक्स और निफ्टी मे क्या अंतर है?

  • Sensex का पूरा नाम Sensitive Index है जबकि Nifty का पूरा नाम National Fifty है।
  • सेंसेक्स को S&P BSE Sensex कहा जाता है जबकि निफ्टी को C&P Nifty कहा जाता है।
  • सेंसेक्स मे कुल 30 कंपनिया लिस्टेड है, जबकि निफ्टी मे कुल 50 कंपनिया लिस्टेड हैं।
  • सेंसेक्स BSE यानि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा है जबकि निफ्टी नैशन स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा है।
  • सेंसेक्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन FreeFloat Market Capitalization FFMC> जबकि निफ्टी का मार्केट कैपिटलाइजेशन Investible Weight FactorIWF> है
  • सेंसेक्स 15 Sectors को Cover करता हैं। जबकि निफ्टी 24 Sectors को कवर करता है।
  • सेंसेक्स का बेस वैल्यू 100 होता है जबकि निफ्टी का बेस वैल्यू 1000 होता है।

BSE मे कितनी कंपनियां शामिल है?

BSE Sensex मे सेंसेक्स मे भारत की 30 सबसे लिस्टेड है जो भारतीय अर्थव्यवस्था कुछ सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण छेत्र (Sectors) को दर्शाती हैं।

नोट: नीचे बताया गया लिस्ट 17 मार्च 2022 तक के सेंसेक्स मे लिस्टेड कंपनियों के नाम है।

सेंसेक्स मे उछाल और गिरावट कैसे तय होती है?

सेंसेक्स की उछाल और गिरावट मे सबसे बड़ा योगदान होता है कंपनी के प्रदर्शन करने का। जिस दिन कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है उस दिन उस कंपनी के Shares के दाम बढ़ जाते है जिससे सेंसेक्स मे उछाल देखने को मिलता है और जिस दिन कंपनी का प्रदर्शन खराब होता है तो लोग shares को घाटा के डर से बेचने लगते है और उस दिन Shares का दम घट जाते है। और उस दिन सेंसेक्स मे गिरावट देखने को मिलता है।

मार्केट मे जिस कंपनी का प्रोडक्ट सबसे जादा खरीदा जाता है, सबसे जादा चर्चित होता है तब उसके shares के दाम बढ़ने लगते है और जब किसी कंपनी का प्रोडक्ट, सामान, सर्विस मार्केट मे अच्छा नहीं perform कर पाता है, उसपे नकरात्मक रीस्पान्स आने लगते है तो उस कंपनी के shares के दाम घटने लगते है। इसके साथ ही साथ बहूत सारे ऐसे फ़ैक्टर्स है जिसकी वजह से सेंसेक्स मे, शेयर बाजार मे उतार- चढ़ाव, उछाल और गिरावट देखने को मिलता है।

National Stock Exchange क्या है ?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मुंबई में स्थित है, यह भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। यह 1992 से अस्तित्व में आया और यहीं से इलेक्ट्रोनिक एक्सचेंज सिस्टम की शुरुआत हुई और पेपर सिस्टम खत्म हुआ।

एनएसई ने 1996 से निफ्टी की शुरुआत की, जो टॉप 50 स्टॉक इंडेक्स दे रहा था और यह तेजी से भारतीय पूंजी बाज़ार की रीड बना। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को 1992 को कंपनी के रूप में पहचान मिली और 1992 में इसे सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट, 1956 के तहत कर भुगतान कंपनी के रूप में स्थापित किया गया।

National stock exchange दुनिया का 11 वां सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका बजार पूंजीकरण (market capitalization) अप्रैल 2018 तक 2.27 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुच गया था ।

BSE यानि BOMBAY STOCK EXCHANGE क्या है ? :

बीएसई की स्थापना 1875 में हुई, इसे नेटिव शेयर और स्टॉक ब्रोकर एसोसिएशन’ के नाम से जाना जाता था। इसके बाद, 1957 के बाद भारत सरकार ने सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट रेगुलेशन एक्ट, 1956 के तहत इसे भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज के रूप में मान्यता दे दी।

सेन्सेक्स की शुरुआत 1986 में हुई, यह भारत का पहला इक्विटी इंडेक्स है जो कि टॉप 30 एक्सचेंज ट्रेडिंग कंपनियों को एक पहचान दे रहा था। सेंसेक्स का आधार वर्ष 1978-79 है

1995 में, बीएसई की ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू हुई, उस समय इसकी क्षमता एक दिन में 8 मिलियन ट्रांजेक्शन थी।

बीएसई एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है, और यह मार्केट डेटा सर्विस, रिस्क मैनेजमेंट, सीडीएसएल (शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड), डिपॉजिटरी सर्विसेज आदि सेवाएँ प्रदान करता है। बॉम्बे स्टॉक शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? एक्सचेंज दुनिया का 12वा बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, आउर जुलाई 2017 को इसका बाजार पूंजीकरण 2 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा था।

बीएसई और एनएसई में मुख्य अंतर :

  • बीएसई और एनएसई दोनों भारत के बड़े शेयर बाज़ार हैं।
  • बीएसई पुराना और एनएसई नया है।
  • टॉप स्टॉक एक्सचेंज में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 10वां स्थान है वहीं एनएसई का 11वां।
  • इलेक्ट्रॉनिक एक्चेंज सिस्टम पहली बार एनएसई में 1992 में और बीएसई में 1995 में शुरू किया गया।
  • कितने शेयरों को शामिल किया जाता है : एनएसई का निफ्टी इंडेक्स 50 स्टॉक इंडेक्स दिखाता है वहीं बीएसई का सेन्सेक्स 30 स्टॉक एक्सचेंज दिखाता है।
  • बीएसई को 1957 में स्टॉक एक्सचेंज के रूप में पहचान मिली वहीं एनएसई को 1993 में पहचान मिली।
  1. एनएसई भारत का सबसे बड़ा एक्सचेंज है, बीएसई सबसे पुराना है।
  2. बीएसई 1875 में स्थापित हुआ, जब कि एनएसई 1992 में।
  3. एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी है, जब कि बीएसई का सेन्सेक्स है। एनएसई में 1696 और बीएसई में 5749 कंपनियाँ सूचीबद्ध हैं।
  4. इनकी ग्लोबल रैंक 11 और 10 है।
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