फोरेक्स रणनीति

जगह रोक आदेश

जगह रोक आदेश
सिविल कोर्ट के आदेश के खिलाफ कांग्रेस ने कर्नाटक हाईकोर्ट का जगह रोक आदेश रुख किया. मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई. कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए और पक्ष रखा. सिंघवी ने दलील दी है कि 45 सेकेंड की क्लिप की वजह से कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा का पूरा ट्विटर हैंडल ब्लॉक नहीं करना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि स्थानीय कोर्ट का ये आदेश एकपक्षीय है.

Rajasthan Highcourt: नर्सिंग ऑफिसरों को एपीओ कर कार्यमुक्त करने वाले आदेश पर रोक

कोटा मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसरों को एपीओ कर कार्यमुक्त करने वाले आदेश पर राजस्थान हाईकोर्ट (Ban on order to relieve nursing officers) ने रोक लगा दी है. हाईकोर्ट के आदेश से नर्सिंग ऑफिसरों को राहत मिली है.

जयपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने कोटा मेडिकल कॉलेज में लम्बे समय से नर्सिंग ऑफिसर के पद पर काम कर रहे याचिकाकर्ताओं को सरप्लस बताकर एपीओ करने और उनकी सेवाएं चिकित्सा निदेशक को भेजने के (Ban on order to relieve nursing officers) आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही अदालत ने मामले में चिकित्सा विभाग ओर मेडिकल कॉलेज से जवाब मांगते हुए याचिकाकर्ताओं को मौजूदा स्थान पर काम करने को कहा है. जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने यह आदेश ममता शर्मा व अन्य की याचिका पर दिया.

कर्नाटक HC से कांग्रेस को राहत, ट्विटर हैंडल ब्लॉक करने का सिविल कोर्ट का आदेश खारिज

कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस समय भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं.

नलिनी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 08 नवंबर 2022,
  • (अपडेटेड 02 दिसंबर 2022, जगह रोक आदेश 6:08 PM IST)

ट्विटर हैंडल खारिज करने के केस में कांग्रेस को कर्नाटक हाईकोर्ट में बड़ी राहत मिली है. मंगलवाई को सुनवाई के बाद कर्नाटक HC ने सिविल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा के ट्विटर हैंडल ब्लॉक करने जगह रोक आदेश के आदेश दिए गए थे. कांग्रेस पर आरोप था कि भारत जोड़ो यात्रा के लिए जो वीडियो बनाए गए हैं, उनमें केजीएफ-2 के गानों का इस्तेमाल किया गया है.

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हाई कोर्ट ने आदेश में कांग्रेस को हिदायत दी और कल तक अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सभी कॉपीराइट सामग्री को हटाने के लिए कहा है. इसमें ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम शामिल है. HC ने कहा कि ये आदेश वादी द्वारा अपने कॉपीराइट की रक्षा के लिए न्यायालय के समक्ष कोई दलील देने के आड़े नहीं आएगा.

बता दें कि सोमवार को बेंगलुरु की सिविल कोर्ट ने कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक करने का आदेश दिया था. आरोप है कि कांग्रेस ने KGF-2 के गाने को अपने वीडियो में गैरकानूनी तरीके से इस्तेमाल किया है. कांग्रेस के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत शिकायत दर्ज हुई थी. केजीएफ के मेकर्स ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए जो मार्केटिंग वीडियोज तैयार किए हैं, उसमें उनकी फिल्म के गानों का इस्तेमाल हुआ.

हाईकोर्ट पहुंचा ट्विटर हैंडल ब्लॉक करने का मामला

दिल्ली में पेड़ों को काटने पर हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक लगाई रोक

दिल्ली में पेड़ों को काटने पर हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को अगले आदेश तक राजधानी में पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली की जगह रोक आदेश पारिस्थितिकी और पर्यावरणीय गिरावट को कम करने का कोई अन्य तरीका नहीं है। न्यायालय ने इस फैसले से सरकार सहित विभिन्न विभागों की कई परियोजनाएं प्रभावित होंगी।

जस्टिस नज्मी वजीरी ने पेड़ों के संरक्षण को लेकर पारित आदेशों के उल्लंन के आरोप में दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आरादेश दिया है। उन्होंने कहा कि ‘पिछले 3 सालों में 29 हजार से अधिक पेड़ काटे गए हैं, ऐसे में सवाल उठता जगह रोक आदेश है कि क्या दिल्ली इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार है। न्यायालय ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि अगले आदेश तक दिल्ली में पेड़ों जगह रोक आदेश को काटने पर रोक रहेगी। इसके साथ ही, न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 2 जून को तय किया है।

Kedarnath Yatra: अग्रिम आदेश तक यात्रा पर रोक, दस हजार यात्री फंसे, प्रशासन ने किया अलर्ट- 'जो जहां है वहीं रहे'

चारधाम यात्रा, केदारनाथ

सुबह से रिमझिम बारिश होने पर प्रशासन ने ऐतिहातन केदारनाथ यात्रा रोक दी है। सोमवार को केदारनाथ यात्रा सिर्फ एक घंटे ही चली। धाम पहुंचे श्रद्धालु दिनभर आराध्य के दर्शन करते रहे, लेकिन जिला मुख्यालय से गौरीकुंड तक जगह-जगह हजारों यात्री रोके गए। प्रशासन ने मंगलवार तक बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए यात्रियों से जहां पर हैं, वहीं रहने की अपील करते हुए सतर्कता बरतने को कहा है।

सोमवार को सोनप्रयाग से सुबह 8 बजे तक 8530 यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया था, लेकिन इसके बाद केदारघाटी व केदारनाथ में तेज बारिश और घना कोहरा छाने के चलते प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से यात्रा रोक दी। इस दौरान रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक जगह-जगह पांच हजार यात्रियों को रोक दिया गया। वहीं, सोनप्रयाग में 2000 और गौरीकुंड में 3200 यात्रियों को रोका गया।

जो यात्री जहां पर हैं, वहीं पर रहे

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने यात्रियों से जहां पर मौजूद हैं, वहीं पर रहने की अपील की है। पुलिस उपाधीक्षक पीके घिल्डियाल ने यात्रियों से कहा कि जिन यात्रियों ने कमरे बुक नहीं कराए हैं, उन्हें रुद्रप्रयाग से अगस्त्यमुनि के बीच होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, धर्मशाला में भेजा जा रहा है। साथ ही जिन यात्रियों के कमरे बुक करा रखे हैं, उन्हें अगले आदेश तक अपने कमरों में ही रुकने के लिए कहा गया है।

सोमवार को खराब मौसम के चलते केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा व्यापक रूप से प्रभावित रही। सुबह 7 बजे से 7.35 तक गुप्तकाशी, मैखंडा सहित अन्य हेलीपैड से हेलीकॉप्टरों ने केदारनाथ के लिए उड़ान भरी, लेकिन इसके बाद बारिश और कोहरा होने के कारण दोपहर बाद से हेली सेवा बंद रही। दोपहर बाद लगभग एक से 1.20 बजे सिर्फ तीन-चार शटल ही हेलीकॉप्टर कर पाए।

ज्ञानवापी : सुप्रीम कोर्ट का सर्वे पर रोक से इंकार, शिवलिंग की जगह सील करने को कहा, नमाज पर भी दिया आदेश

by WEB DESK

सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई की अगली तारीख तक शिवलिंग क्षेत्र की रक्षा की जाए और मुसलमानों को नमाज पढ़ने दिया जाए। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान कहा कि ट्रायल कोर्ट ने डीएम वाराणसी को उस परिसर को सील करने का निर्देश दिया, जहां शिवलिंग पाया गया था। वजू खाना में प्रवेश प्रतिबंधित था और कहा कि इसका उपयोग नहीं किया जाएगा और केवल 20 लोगों को प्रार्थना के लिए अनुमति दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह नोटिस जारी कर सकता है, सुनवाई की अगली तारीख तक हम एक निर्देश जारी करेंगे कि डीएम वाराणसी सुनिश्चित करेंगे कि शिवलिंग क्षेत्र की रक्षा की जाएगी, लेकिन यह मुसलमानों की नमाज के जगह रोक आदेश लिए मस्जिद में प्रवेश में बाधा नहीं बनेगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सर्वे को लेकर निचली अदालत में सुनवाई चल रही है। ऐसे में जिला अदालत के फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। कमेटी ने सर्वे कराए जाने के आदेश को चुनौती दी है।

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